प्रेम का सौंदर्य मौन **************** किसी मौन को पढ़ा है मैंने खूब गहरे डूब कर सब कुछ कह देने की उनकी छटपटाहट भी महसूस की है मैंने अंतस में उतर कर वो मौन थे उसे अपना आभूषण समझकर मैं मौन थी क्योंकि प्रेम का सौंदर्य मौन में है

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मनकुंजन